FANDOM


अब जब देश आज़ाद हो चुका है, आवश्यक है कि सारे स्कूल एवम् कॉलेज तब तक बंद कर दिये जायें जब तक स्वतंत्र भारत की अपनी शिक्षा नीति निर्धारित नहीं हो जाती.

-आचार्य विनोब भावे

आचार्य भविष्यदृष्टा थे, इसलिये ऐसी बात कह गये जिसको न मानने का कुफ़ल हम आज, आज़ादी के साठ वर्ष बाद देख रहे हैं.आज की शिक्षा प्रणाली में क्या-क्या खामियाँ हैं, यह तो हम पीछे देख चुके हैं. परंतु इसपर पर्याप्त विलाप-कलाप शताधिक वर्षों से चला आ रहा है.

आवश्यकता है एक ठोस शिक्षा प्रणाली की जो आज के समय में सफ़लतापूर्वक चल सके एवम् अच्छी पीढ़ी को जन्म दे सके. इस विभाग में इसी रूपरेखा पर बल दिया गया है.

शिक्षा प्रणाली को आकार देने का अर्थ है (अ) उन विषयों एवं मूल्यों की सैद्धांतिक चर्चा जिनकी विद्यार्थी को आवश्यकता है (आ) इस चर्चा के आधार पर नवीन पाठ्यक्रम का निर्धारण (इ) इस पाठ्यक्रम का कक्षाओं के अनुसार विभाजन (ई) प्रत्येक कक्षा मी पढाए जाने वाले प्रत्येक विषय के लिए निम्न सामग्री की तैयारी

पाठ्यपुस्तक
अभ्यासपुस्तिका
कक्षा मे कराए जाने वाले अभ्यास
रुचिगत अध्ययन के लिए पठन सामग्री
अध्यापन के लिए विशेष सामग्री
परीक्षा के प्रकार

(उ) इन विषयों के उन निष्णात शिक्षको का चयन एवं प्रशिक्षण जो इस नए पाठ्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों को पढा सकें